AHSEC| CLASS 11| HINDI| QUESTION PAPER - 2019| H.S.1ST YEAR

 

AHSEC| CLASS 11| HINDI| QUESTION PAPER - 2019| H.S.1ST YEAR

2019
HINDI
Full marks: 100
Pass Marks: 30
Time: Three hours
The figures in the margin indicate full marks for the questions.

 

खण्ड- क

 

1. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: 1x5 = 5

शांति नहीं तब तक, जब तक

सुख-भाग न सबका सम हो।

नहीं किसी को बहुत अधिक हो।

नहीं किसी को कम हो।

स्वत्व माँगने से न मिले,

संघात पाप हो जाएँ।

बोलो धर्मराज, शोषत वे

जियें या कि मिट जाएँ?

न्यायोचित अधिकार माँगने

से न मिले तो लड़ के।

तेजस्वी छीनते समर को,

जीत, या कि खुद मर के।

किसने कहा, पाप है समुचित

स्वत्व-प्राप्ति-हित लड़ना?

उठा न्याय का खडग समर में

अभय मारना-मरना?

प्रश्न:

(क) कवि के अनुसार शांति के लिए क्या आवश्यक है? 1

(ख) कवि ने कौन से युद्ध को निष्पाप बताया है? 1

(ग) तेजस्वी लोगों की पहचान कवि ने क्या बताई है? 1

(घ) कविता में किसको धर्मराज कहा गया है? 1

(ङ) प्रस्तुत पद्यांश का एक शीर्षक लिखिए। 1

2. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: 15

मनुष्य नाशवान प्राणी है। वह जन्म लेने के बाद मरता अवश्य है। अन्य लोगों की भाँति महापुरुष भी नाशवान हैं। वे भी समय आने पर अपना शरीर छोड़ देते हैं, पर वे मर कर भी अमर हो जाते हैं। वे अपने पीछे छोड़े गए कार्य के कारण अन्य लोगों द्वारा याद किए जाते हैं। उनके ये कार्य चिरस्थायी होते हैं और समय के साथ-साथ परिणाम और बल में बढ़ते जाते हैं। ऐसे कार्य के पीछे जो उच्च आदर्श होते हैं, वे स्थायी होते हैं। और बदलती परिस्थितियों में नए वातावरण के अनुसार अपने को ढाल लेते हैं। संसार ने पिछली पच्चीस शताब्दियों से भी अधिक में जितने भी महापुरुषों को जन्म दिया है, उनमें गाँधी जी को यदि आज भी नहीं माना जाता तो भी भविष्य में उन्हें सबसे बड़ा माना जाएगा, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन की गतिविधियों को विभिन्न भागों में नहीं बाँटा, बल्कि जीवनधारा को सदा एक और अविभाज्य माना। जिन्हें हम सामाजिक, आर्थिक और नैतिक के नाम से पुकारते हैं, वे वास्तव में उसी धारा की उपधाराएँ हैं, उसी भवन के अलग-अलग पहलू हैं। गाँधी जी ने मानव-जीवन के इस नव-कथानक की व्याख्या न किसी हृदय को स्पर्श करने वाले वीरकाव्य की भाँति ही। उन्होंने मनुष्यों की आत्मा में अपने को निम्नवत रूप में उचित कार्य के प्रति निष्ठा, किसी ध्येय की पूर्ति के लिए सेवा और किसी विचार के प्रति स्वार्पण के बीच सतत चलने वाले संघर्ष के नाटक की भाँति माना है। उन्होंने सदा साध्य का ही महत्व नहीं दिया, बल्कि उस साध्य को पूरा करने के लिए अपनाए जाने वाले साधनों का भी ध्यान रखा। साध्य के साथ-साथ उसकी पूर्ति के लिए अपनाए गए साधन भी उपयुक्त होने चाहिए।

प्रश्न:

(क) प्रस्तुत गद्यांश का एक उपयुक्त शीर्षक लिखिए। 1

(ख) 'भवन' शब्द के दो पर्यायवाची शब्द लिखिए। 1

(ग) 'चिरस्थायी' शब्द का अर्थ स्पष्ट कीजिए। 1

(घ) प्रस्तुत गद्यांश में से एक सरल वाक्य छाँटिये। 1

(ङ) 'अविभाज्य' शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग लिखिए। 1

(च) महापुरुषों को भविष्य में क्यों याद किया जाता है? 2

(छ) सामान्य मनुष्यों और महापुरुषों में क्या अंतर है? 2

(ज) गाँधी जी को भविष्य में सबसे बड़ा व्यक्ति क्यों माना जाएगा। 2

(झ) गाँधी जी ने मानव जीवन की व्याख्या किस प्रकार दी थी? 2

(ञ) साध्य और साधन के विषय में गाँधी जी के विचार किस तरह के थे? 2

 

खण्ड - ख

 

3. निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर निबंध लिखिएः 10

(क) जीवन में कंप्यूटर का महत्व

(वर्तमान युग - कंप्यूटर युग, कंप्यूटरः आज की जरूरत, सुव्यवस्था लाने में सहयोग, ज्ञान का भंडार, हानियाँ, निष्कर्ष)

(ख) आतंकवाद

(परिभाषा, आतंकवाद: विश्वव्यापी समस्या, भारत में आतंकवाद, आतंकवाद फैलने का कारण, समाधान)

(ग) राष्ट्र सेवा : सर्वोत्तम सेवा

(राष्ट्र प्रेम में बलिदान का महत्व, देश रक्षा हमारा कर्तव्य है - इतिहास के उदाहरण, देश के लिए 'जीना' अनिवार्य, आह्वान)

(घ) राजभाषा के रूप में हिन्दी

(संविधान द्वारा घोषित राजभाषा, हिन्दी की वर्तमान दशा, हिन्दी विकास के सरकारी प्रयास, हिन्दी की उपेक्षा, दुर्दशा के कारण, समाधान)

4. नियमित रूप से डाक न मिलने की शिकायत करते हुए डाकघर के डाकपाल को एक पत्र लिखिए। 5

अथवा

मुहल्ले में गंदगी की शिकायत करते हुए नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को एक पत्र लिखिए।

15. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए: 1x5 = 5

(क) प्रिंट माध्यम' से आप क्या समझते हैं?

(ख) संपादक का मुख्य काम क्या होता है?

(ग) हिन्दी के किन्हीं दो समाचार पत्रों के नाम लिखिए।

(घ) संचार माध्यम किसे कहते हैं?

(ङ) इंटरनेट किसे कहते हैं?

6. भारत की परंपराओं पर हावी होती पाश्चात्य संस्कृति पर चिंता प्रकट करते हुए एक आलेख तैयार कीजिए। 1x5 = 5

अथवा

आज की शिक्षा के बदलते स्वरूप पर एक फ़ीचर लिखिए।

 

खण्ड - ग

 

7. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: 8

हम तौ एक एक करि जानां।

दोई कहें तिनहीं कौं दोजग जिन नाहिंन पहिचांनां।।

एकै पवन एक हीं पानी एकै जोति समांनां।

एकै खाक गढ़े सब भांड़ै एकै कोहरा सांनां।।

जैसे बाढ़ी काष्ट ही काटै अगिन न काटै कोई।

सब घटि अंतरि तँही व्यापक धेरै स्वरूपै सोई।।

माया देखि के जगत लुभांनां काहे रे नर गरबांनां।

निरभै भया कछू नहिं व्यापै कहैं कबीर दिवांनां।।

प्रश्न:

(क) कबीर दास परमात्मा के किस रूप में विश्वास करते हैं? 2

(ख) कबीर दास ने किन लोगों को नरक का अधिकारी भाना है? 2

(ग) कबीर ने किस प्रकार सिद्ध किया है कि ईश्वर एक है? 2

(घ) कबीर के अनुसार ईश्वर को जानने के लिए क्या आवश्यक है? 2

अथवा

'सबसे खतरनाक वह आँख होती है जो सबकुछ देखती हुई भी जमी बर्फ होती है जिसकी नजर दुनिया को मुहब्बत से चूमना भूल जाती है जो चीजों से उठती अंधेपन की भाप पर दुलक जाती है जो राजमर्रा के क्रम को पाती हुई एक लक्ष्यहीन दुहराव के उलटफेर में खो जाती है'

प्रश्न:

(क) कवि के अनुसार सबसे खतरनाक आँख कौन सी होती है? 2

(ख) कविता के अनुसार 'जमी बर्फ' का प्रतीक स्पष्ट कीजिए। 2

(ग) 'अन्धेपन की भाव पर दुलक जाती है' का क्या तात्पर्य है? 2

(घ) कवि ने किस स्थिति में जीवन को निरर्थक बताया है? 2

8. निम्नलिखित में से किसी एक काव्यांश को पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: 6

(क) 'हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर

मँगवाओ मुझसे भीख

और कुछ ऐसा करो

कि भूल जाऊँ अपना घर पूरी तरह

झोली फैलाऊँ और न मिले भीख

कोई हाथ बढ़ाए कुछ देने को

तो वह गिर जाए नीचे

और यदि मैं झुकूं उसे उठाने

तो कोई कुत्ता आ जाए

और उसे झपटकर छीन ले मुझसे।'

प्रश्न:

(i) 'कि भूल जाऊँ अपना घर पूरी तरह' - काव्यांश का भाव सौन्दर्य स्पष्ट कीजिए 2

(ii) अक्क महादेवी ने ईश्वर से क्या कामना की है और क्यों? 2

(iii) उपर्युक्त काव्यांश के शिल्प-सौन्दर्य पर प्रकाश डालिए। 2

(ख) 'और इस अविश्वास-भरे दौर में

थोड़ा-सा विश्वास

थोड़ी-सी उम्मीद

थोड़ी-से सपने

आओ, मिलकर बचाएँ

कि इस दौर में भी बचाने को

बहुत कुछ बचा हैं,

अब भी हमारे पास।'

प्रश्न:

(i) ऊपर उल्लेखित काव्यांश के भाव-सौन्दर्य पर प्रकाश डालिए। 2

(ii) काव्यांश की भाषा की दो विशेषताओं का वर्णन कीजिए। 2

(iii) प्रस्तुत पंक्तियों के द्वारा कवयित्री ने क्या प्रेरणा दी है? 2

(ग) 'न हो कमीज तो पाँवों से पेट ढंक लेंगे,

ये लोग कितने मुनासिब हैं इस सफर के लिए।'

प्रश्न:

(i) शेर के भाव सौन्दर्य पर प्रकाश डालिए। 2

(ii) प्रस्तुत शेर में प्रयुक्त भाषा की दो विशेषताएँ लिखिए। 2

(iii) 'ये लोग कितने मुनासिब हैं' - का भाव स्पष्ट कीजिए। 2

9. अधोअंकित काव्यांशों को पढ़कर उनके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिएः (किन्हीं दो) 3+3=6

(क) 'विस का प्याला राणा भेज्या,

पीवत मीरां हाँसी,

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,

सहज मिले अविनासी'।

- राणा ने विष का प्याला किसे और क्यों भेजा था?

(ख) 'वन, उपवन, गिरि, सानु, कुंज में मेघ बरस पड़ते हैं।

मेरा आत्मा-प्रलय होता है, नयन नीर झड़ते हैं।'

 - प्रस्तुत पक्तियों के अनुसार किसकी आँखों से आँसू बहते हैं और क्यों? स्पष्ट कीजिए। 3

(ग) 'वह स्वाधीन किसान रहा,

अभिमान भरा आँखों में इसका,

छोड़ उसे मँझधार आज

संसार कगार सदृश बह खिसका।'

- प्रस्तुत पंक्तियों के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है? 3

(घ) हाय रे, ऐसा ना कहना,

है कि जो वैसा न कहना,

कह न देना जागता हूँ,

आदमी से भागता हूँ,

कवि के इस स्थिति का कारम क्या है? 3

(ङ) मैं तो ब्याह कभी न करूँगी

और कहीं जो ब्याह हो गया

तो मैं अपने बालम को सँग साथ रखूँगी

कलकत्ता मैं कभी न जाने दूँगी

कलकत्ते पर बजर गिरे।

- चम्पा ने लेखक को कलकत्ते पर बज्र गिरने की बात क्यों कहीं? 3

10. निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक को पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: 8

(क) 'उनके पिता एक अनुभवी पुरुष थे। समझाने लगे - बेटा। घर की दुर्दशा देख रहे हो। ऋण के बोझ से दबे हुए हैं। लड़कियाँ हैं, वह घास-फूस की तरह बढ़ती चली जाती हैं। मैं कगारे पर का वृक्ष हो रहा हूँ, न मालूम कब गिर पडूं। अब तुम्हीं घर के मालिक-मुख्यार हो। नौकरी में ओहदे की ओर ध्यान मत देना, यह तो पीर का मजार है। निगाह चढ़ावे और चादर पर रखनी चाहिए। ऐसा काम ढूँढ़ना जहाँ कुछ ऊपरी आय हो। मासिक वेतन तो पूर्णमासी का चाँद है जो एक दिन दिखाई देता है और घटते- घटते लुप्त हो जाता है। ऊपरी आय बहता हुआ स्रोत है, जिससे सदैव प्यास बुझती है। वेतन मनुष्य देता है, इसी से उसमें वृद्धि नहीं होती। ऊपरी आमदनी ईश्वर देता है, इसी से उसकी बरकत होती है।'

प्रश्न:

(i) मुंशी वंशीधर के पिता ने घर की स्थिति को किस प्रकार वर्णित किया? 2

(ii) वंशीधर के पिता ने उसे कैसी नौकरी खोजने की सलाह दी? क्या आप इससे सहमत है? 2

(iii) 'पीर का मजार' किसे कहा गया है और क्यों? 2

(iv) पिता ने 'पूर्णमासी का चाँद' किसे कहा है? इसका क्या कारण है?

(ख) मैं ऊँचाई के माप के चक्कर में नहीं हूँ। न इनसे होड़ लगाने के पक्ष में हूँ। वह एक बार लोसर में जो कर लिया सो बस है। इन ऊँचाइयों से होड़ लगाना मृत्यु है। हाँ, कभी-कभी उनका मान-मर्दन करना मर्द और औरत की शान है। मैं सोचता हूँ कि देश और दुनिया के मैदानों से और पाहाड़ों से युवक-युवतियाँ आएँ और पहले तो स्वयं अपने अहंकार को गलाएँ- फिर इन चोटियों के अहंकार को चूर करें। उस आनंद का अनुभव करें जो साहस और कूवत से यौवन में ही प्राप्त होता है। अहंकार का ही मामला नहीं है। ये माने की चोटियाँ बढे लामाओं के जाप से उदास हो गई हैं। युवक-युवतियाँ किल्लोल करें तो यह भी हर्षित हों। अभी तो इन पर स्पीति का आर्तनाद जमा हुआ है। वह इस युवा अट्टहास की गैरमी से कुछ तो पिघले। यह एक युवा निमंत्रण है।

प्रश्न:

(i) स्पीति की पहाड़ियों की ऊँचाई के संबंध में लेखक के क्या विचार हैं? 2

(ii) प्रस्तुत पंक्तियों में लेखक किसका और क्यों आह्वान करता है? 2

(iii) स्पीति की चोटियाँ क्यों उदास हैं? 2

(iv) लेखक के अनुसार स्पीति की चोटियाँ कैसे हर्षित हो सकती है? 2

(ग) विभाजन की त्राजदी के बावजूद भारत स्वतन्त्र था। उत्साह था, उदासी भी थी। जीवन पर अचानक जिम्मेदारियों का बोझ आ पड़ा। हम युवा थे। मैं पच्चीस बरस का था, लेखकों, कवियों, चित्रकारों की संगत थी। हमें लगता था कि हम पहाड़ हिला सकते हैं। और सभी अपने-अपने क्षेत्रों में अपने माध्यम में सामर्थ्य-भर बढ़िया काम करने में जुट गए। देश का विभाजन, फिर महात्मा गांधी की हत्या क्रूर घटनाएँ थीं। व्यक्तिगत स्तर पर, मेरे माता-पिता की मृत्यु भी ऐसी ही क्रूर घटना थी। हमें इन क्रूर अनुभवों को आत्मसात करना था। हम उससे उबर काम में जुट गए।

प्रश्न:

(i) लेखक ने ऐसा क्यों कहा कि विभाजन की त्राजदी के बावजूद भारत स्वतन्त्र था? 2

(ii) लेखक के मन में किस तरह का त्रासदी था? 2

(iii) लेखक के जीवन में आजादी के बाद क्या परिवर्तन आया? 2

(iv) लेखक ने किसे क्रूर घटनाएँ कहा है? 2

11. निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए: 3+3+3+3=12

(क) मियाँ नसीरुद्दीन ने अपना पारंपरिक व्यवसाय क्यों अपनाया?

(ख) पथेर पांचाली फिल्म के निर्माण में कितना समय लगा और क्यों?

(ग) लॉर्ड कार्जन को इस्तीफा क्यों देना पड़ा?

(घ) मोहन अपने पिता के किस कार्य में सहायता करने में असमर्थ था और क्यों?

(ङ) रजनी शिक्षा प्रणाली में किस तरह का परिवर्तन लाना चाहती थी?

(च) 'उसके जीवन की फाइल भी पूर्ण हो चुकी थी' - वाक्यांश का तात्पर्य स्पष्ट कीजिए।

(छ) पंडित नेहरू किसानों से किन-किन विषयों पर चर्चा करते थे?

 

खण्ड - घ

पूरक पुस्तक (वितान : भाग - 1)

 

12. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए: 2×2=4

(क) शास्त्रीय गायकी से क्या अभिप्राय है?

(ख) राजस्थान की रेत की क्या विशेषताएँ हैं?

(ग) बेबी हालदार को अपने पति का घर क्यों छोड़ना पड़ा?

13. निम्नलिखित प्रश्नों में स किन्हीं दो के उत्तर दीजिए: 3+3=6

(क) 'चित्रपट संगीत दिनोंदिन अधिकाधिक विकसित होता जा5 रहा है।' - लेखक ने ऐसा किस आधार पर कहा है?

(ख) राजस्थान में खड़िया पत्थर की पट्टी किस क्षेत्र में है? इसकी क्या उपयोगिता है?

(ग) तातुश का लेखिका के प्रति सदव्यवहार का वर्णन कीजिए।

14. पाठ के आधार पर लता मंगेशकर के गायन की किन्हीं पाँच विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। 5

अथवा

कुँई का मुँह छोटा रखने का क्या कारण है? उल्लेख कीजिए।

अथवा

किराये के मकान में बेबी हालदार को कौन-कौन सी समस्याओं का सामना करना पड़ा था? स्पष्ट कीजिए।

 

***


HINDI SOLVED PAPERS PAGE LINK - Click here


BUY E-BOOK

(PDF FILE)

 

[TO SEE FULL SOLUTION]

 

(Chapter wise Notes, Exam Question Papers solved, MCQ solved)

[ARTS, COMMERCE, SCIENCE]

 

DOWNLOAD PAGE LINK:-CLICK HERE


AHSEC PAGE LINK CLICK HERE

(Read Syllabus/ Notes, Exam Routine, Question Papers and solved)


Also Read: 

1. Indian History 

2. CURRENT AFFAIRS

3. GK

4. MCQ SOLVED